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सितंबर, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

सपनों की उड़ान भरने के पंख

 https://www.atarman.com/hi/post/how-to-live-a-balanced-life स्वरांगी साने अपने रिश्तों, भागीदारी और बातचीत में संतुलन रखिए। यह तब होगा जब आपका दिमाग और आपका शरीर एक समन्वय में काम कर रहा होगा। यदि आपको मानसिक या शारीरिक थकान नहीं होगी तो ही आप जीवन के अन्य क्षेत्रों में बखूबी काम कर पाएँगे। कई बार हम जो पूर्व निर्धारित नहीं हैं उस घटनाक्रम के होने की कल्पना मात्र से डर जाते हैं। अज्ञात का भय हमारी ऊर्जा को खींच लेता है। दिमागी तौर पर अपने विचारों को लेकर स्पष्ट रहिए और नए विचारों के स्वागत के लिए तैयार रहिए। जब आपकी कोई आलोचना करता है तो हमेशा उस पर सोचने की या प्रत्युत्तर देने की ज़रूरत नहीं है। जिस वजह से बिन माँगी सलाह मिल रही है उसे लीजिए और आगे बढ़िए। आपके दिलो-दिमाग में जो भी चल रहा है उसे सबके सामने रखने से हिचकिचाइए नहीं। इस विचार से बाहर निकलिए कि आपकी आलोचना होगी। आलोचना होगी तो होगी, तेनु की...इस विश्वास को जगाइए। नए अवसर तभी सामने आते हैं जब आप नया करने को तैयार होते हैं और कुछ नया करते हुए प्रशंसा ही नहीं, आलोचना भी होगी ही, उससे क्या डरना? एक विचारधारा कहती है कि...

‘मत चूको चौहान!’

 https://www.atarman.com/hi/post/jeevan-me-lakshya-ka-hona-kyon-jaruri-hai

लैट गो....

 https://www.atarman.com/hi/post/pati-patni-ke-rishten-me-tanav-ke-karan

Positive Story : मस्ती-मजाक में इंदौरी दोस्तों ने सोशल मीडिया को वरदान बना लिया

  https://hindi.webdunia.com/ motivational/positive-story- 121091500079_1.html ?

च से चरमोत्कर्ष

 https://www.atarman.com/hi/post/ch-se-banane-wale-shabd

स्मृति शेष

  कथक गुरु सविता गोडबोले का हाल ही में निधन हो गया। सविता ताई से कवियत्री और लेखिका स्वरांगी साने ने भी नृत्य की तालीम ली थी। इस लेख में वे अपनी गुरु की ऐसी खूबियों को याद कर रही हैं,जिनका मिलना आज के दौर में बहुत मुश्किल है।  https://indorestudio.com/ savita-godbole-kathak-ki-aisi- guru/

Prajaatantra प्रजातंत्र

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स्मृति शेष- सविता ताई का जाना मेरे लिए खबर भर नहीं है-  https://prajaatantra.com/ smriti-shesh-savita-tais- passing-is-not-a-news-for-me/  

घ से घनिष्ठता

 https://www.atarman.com/hi/post/gha-se-shabd-in-hindi